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05/12/2014  
जिलाधिकारी की समीक्षा बैठक |
 


आज दिनांक 05-12-2014 को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्रीमती बी0 चन्द्रकला, जिलाधिकारी बुलन्दषहर द्वारा राजस्व कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक में राजस्व कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गयी।  बैठक में श्री आर0 के0 सिंह, अपर जिलाधिकारी (वि/रा), श्री विषाल सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रषासन) के अतिरिक्त जनपद के समस्त उप जिलाधिकारीगण/तहसीलदार उपस्थित रहे।  साथ ही, कर-करेत्तर से संबंधित सभी अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी द्वारा सभी उप जिलाधिकारियों/तहसीलदारों को कड़े निर्देष दिये गये कि वह सेवा-निवृत्त होने वाले कर्मचारियों को सभी प्रकार के देयकों का समय से भुगतान सुनिष्चित कराने हेतु अपनी-अपनी तहसीलों के अंतर्गत 06 माह के अंदर सेवा-निवृत्त होने जा रहे कर्मचारियों से संबंधित वांछित अभिलेख आदि संबंधित पटल सहायकों को अभी से उपलब्ध करा दें तथा आगामी 06 माह में सेवा-निवृत्त होने वाले सभी कर्मचारियों की सूची संबंधित अनुभागों में जिला मुख्यालय पर प्रेशित करना सुनिष्चित करें। उक्त के बावजूद यदि किसी कर्मचारी का कोई पेंषन प्रकरण लम्बित पाया जाता है, तो उसके लिए सीधेरूप से संबंधित उप जिलाधिकारी को भत्र्सना-प्रविश्टि प्रदान की जायेगी। उक्त के अतिरिक्त मृतक आश्रितों के लम्बित प्रकरणों की समीक्षा करने पर पाया गया कि तहसील षिकारपुर में उप जिलाधिकारी षिकारपुर स्तर पर मृतक आश्रित की नियुक्ति का एक प्रकरण लम्बित है।  निर्देषित किया गया कि तत्काल इसकी नियुक्ति कर दी जाये। तहसील स्तरों पर सीजनल संग्रह अमीनों एवं चपरासियों की ज्येश्ठता सूची आपत्ति निस्तारण के उपरान्त अभी तक मुख्यालय पर अप्राप्त है।  सभी को निर्देषित किया गया कि आज सायं तक प्रत्येक दषा में मुख्यालय पर उपलब्ध हो जाए।
कम्प्यूटरीकरण नकल से जमा एवं व्यय की गयी धनराषि की समीक्षा किये जाने पर पाया गया कि तहसील अनूपषहर में माह में सबसे कम 18026 खतौनियां निर्गत की गयीं हैं, जिनसे 27,390/-रू0 की धनराषि जमा हुई है, परन्तु उक्त धनराषि के सापेक्ष इस तहसील द्वारा 34,671/-रू0 का व्यय किया गया है।  प्राप्ति से अधिक व्यय पर जिलाधिकारी द्वारा घोर नाराजगी व्यक्त करते हुए तहसीलदार अनूपषहर के साथ-साथ सभी तहसीलदारों को निर्देषित किया गया कि निष्चित धनराषि के अतिरिक्त किसी भी दषा में व्यय न किया जाए। अन्यथा की स्थिति में इसे वित्तीय अनियमितता मानते हुए संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।
तहसील दिवसों के निस्तारण की समीक्षा करने पर पाया गया कि तहसील षिकारपुर का निस्तारण मात्र 70 प्रतिषत है, जो सबसे कम है। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी /तहसीलदार षिकारपुर को निर्देषित किया कि वह स्वयं लम्बित षिकायतों का गुणवत्तापरक निस्तारण आगामी दो दिवस में कराते हुए अवगत करायें।
काॅमन सर्विस सेंटरों की समीक्षा करने पर पाया गया कि प्राप्त षिकायतों के अनुसार उक्त सेंटरों द्वारा निर्धारित दर 20/-रू0 से अधिक की धनराषि वसूल की जा रही है। उप जिलाधिकारियों को निर्देषित किया गया कि वह अपनी-अपनी तहसील क्षेत्रान्तर्गत पडने वाले केन्द्रों का नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण करना सुनिष्चित करें।  केन्द्र पर निर्धारित दर का बोर्ड लगा होना चाहिए तथा तहसील स्तरीय/जिला स्तरीय अधिकारियों के सी0यू0जी0 नं0 का भी बोर्ड लगा हो। इसके साथ ही क्षेत्र के लेखपालों का हल्कावार विवरण, मोबाइल नम्बर सहित भी केन्द्र पर सदृष्य स्थान पर प्रदर्षित होना चाहिए।
कर-करेत्तर राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा करने पर पाया गया कि आबकारी, परिवहन व व्यापारकर द्वारा इस माह प्राप्तियां कम रहीं हैं, जिस पर जिलाधिकारी द्वारा असंतोश व्यक्त करते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की गयी तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देषित किया गया कि कमी के कारणों के संबंध में अपने स्पश्टीकरण तत्काल प्रस्तुत करें। साथ ही, उक्त के अतिरिक्त कर-करेत्तर से संबंधित सभी अधिकारियों को निर्देष दिये गये कि किसी भी दषा में 95 प्रतिषत से कम प्राप्ति नहीं होनी चाहिए।  यदि किसी विभाग की प्राप्ति 95 प्रतिषत से कम होती है, तो इसके लिए वह स्वयं उत्तरदायी होगा।
विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देषित किया गया कि वह विद्युत की वसूली हेतु उप जिलाधिकारी षिकारपुर, स्याना, खुर्जा को वाहन उपलब्ध कराना सुनिष्चित करें। बैठक में यह संज्ञान में आया कि विद्युत विभाग के द्वारा आर0सी0 में सीधे धनराषि वसूल की जा रही है तथा संग्रह-व्यय प्राप्त नहीं हो रहा है। इसपर जिलाधिकारी द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त की गयी और बैठक में उपस्थित अधिषासी अभियन्ता, विद्युत को कड़े निर्देष दिये गये कि यदि ऐसा कोई प्रकरण संज्ञान में आता है, जिसमें सीधे धनराषि जमा की गयी हो, और कलैक्षन चार्ज नहीं जमा किया गया हो, तो संबंधित अधिकारी के खाते से उक्त धनराषि की वसूली की जायेगी और विभाग का खाता तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जायेगा।  इस संबंध में उप जिलाधिकारियों को भी निर्देष दिये गये कि यदि ऐसा कोई प्रकरण संज्ञान में आता है, तो तत्काल उपरोक्तानुसार कार्यवाही सुनिष्चित करें।  उक्त के अतिरिक्त अधिषासी अभियन्ता, विद्युत को निर्देषित किया गया कि विद्युत की आर0सी0 से वसूल कुल धनराषि 20 प्रतिषत से गांव में विद्युतीकरण के कार्य कराये जाने का प्राविधान है तत्काल इस संबंध में विगत वर्शों में वसूल की गयी धनराषि व उक्त मद में कराये गये कार्यों का विवरण लेकर अपर जिलाधिकारी (प्रषासन) से सम्पर्क करना सुनिष्चित करें।
सभी उप जिलाधिकारियों को कडे निर्देष दिये गये कि वह ग्रामसभा हर्जाना, वाहन कर आदि की षत-प्रतिषत वसूली इस माह अवष्य करना सुनिष्चित करें।
उक्त के अतिरिक्त मैगा लोक अदालतों को दृश्टिगत रखते हुए सभी तहसीलदारों को निर्देषित किया गया कि अपने-अपने न्यायालय में लम्बित धारा-34 भू0राजस्व अधिनियम के अविवादित वादों का निस्तारण निर्धारित अवधि 45 दिन के अंदर करना सुनिष्चित करें तथा मैगा लोक अदालत में अधिक से अधिक धारा-34 के वादों का निस्तारण सुनिष्चित किया जाए।  धारा-34 के वाद जनहित गारण्टी योजना से आच्छादित हैं, जिसके कारण इन्हें निष्चित समयावधि में निस्तारित किया जाना अनिवार्य है। यदि निष्चित अवधि में इनका निस्तारण नहीं होता है, तो संबंधित के विरूद्ध षास्ति अधिरोपण की कार्यवाही के साथ-साथ विभागीय कार्यवाही भी की जायेगी।
2-   राज्य पोशण मिषन की बैठक में अनुपस्थित अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही
आज दिनांक 05-12-14 को राज्य पोशण मिषन के अंतर्गत कुपोशण की समस्या के समाधान के लिए श्रीमती बी0 चन्द्रकला जिलाधिकारी बुलन्दषहर की अध्यक्षता में  एक आवष्यक बैठक अपराह्न 01ः00 बजे आहूत की गयी थी, परन्तु उक्त बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी बुलन्दषहर श्रीमती षुभांगी कुलकर्णी उपस्थित नहीं हुई और न ही बैठक से संबंधित अन्य अधिकारी उपस्थित हुए। जबकि उक्त कार्यक्रम षासन की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है। इनके द्वारा बरती गयी घोर लापरवाही पर जिलाधिकारी द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त की गयी तथा इनके विरूद्ध कार्यवाही हेतु षासन को अवगत कराने को कहा।
3-  बार पदाधिकारियों से वार्ता
जनपद में अधिवक्ताओं के कार्य बहिश्कार के संबंध में जिलाधिकारी ने आज दि बार एसोसियेषन, बुलन्दषहर के अध्यक्ष श्री गजराज सिंह व अन्य समस्त पदाधिकारियों व अधिवक्ताओं के साथ वार्ता की। मौके पर अधिकारीगण की उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने अधिवक्ताओं से कल दिनांक 06-12-2014 को आयोजित होने वाली राश्ट्रीय मैगा लोक अदालत को दृश्टिगत रखते हुए न्यायिक कार्य में सहयोग करने अनुरोध किया जिससे अधिक-से-अधिक वादकारी मैगा लोक अदालत के माध्यम से न्याय प्राप्त कर सकें, जिस पर बार के पदाधिकारियों द्वारा आष्वासन दिया गया कि अधिवक्तागण न्यायालयों में तो उपस्थित नहीं होंगे, परन्तु मैगा लोक अदालत के आयोजन में उनके द्वारा किसी प्रकार का कोई व्यवधान उत्पन्न नहीं किया जायेगा। जिलाधिकारी द्वारा सभी पीठासीन अधिकारियों व अधिवक्तागण को आपस में सामन्जस्य व समन्वय स्थापित कर परस्पर पूर्ण सहयोग देते हुए मैगा लोक अदालत को सफल बनाने की अपील की गयी।
 

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